धनबाद, जून 14 -- धनबाद, वरीय संवाददाता। 30 वर्षों बाद आज अधिकमास में सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। सोमवार के दिन अमावस्या तिथि पड़ने से इसका पुण्यफल कई गुना बढ़ जाता है। इस अवसर पर भगवान शिव और श्रीहरि विष्णु की अराधना व पितरों के तर्पण का विशेष महत्व बताया गया है। शहर के सर्वेश्वरी आश्रम सहित विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां की गई है। वेदाचार्य पंडित रमेश चंद्र त्रिपाठी बताते हैं कि सोमवती अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य, पीपल वृक्ष की पूजा तथा भगवान शिव का जलाभिषेक करने से विशेष फल प्राप्त होता है। वहीं पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध कर्म करने से पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है तथा पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। बताया कि अधिकमास स्वयं भगवान विष्णु को समर्पित माना...