रांची, मार्च 31 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने एक वैवाहिक विवाद पर फैसला सुनाते हुए पति को तलाक की अनुमति प्रदान कर दी। कोर्ट ने 30 लाख रुपए स्थायी गुजारा भत्ता देना अनिवार्य कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी की कोई स्वतंत्र आय नहीं है, इसलिए उसका भविष्य सुरक्षित करना जरूरी है। अदालत ने पति की आय और भविष्य की कमाई को ध्यान में रखा। अदालत ने कहा कि पत्नी को वही जीवन स्तर मिलना चाहिए, जैसा वह शादी के दौरान जी रही थी। पति राकेश (बदला हुआ नाम) ने पत्नी रोशनी (बदला हुआ नाम) से तलाक की मांग की थी। हाईकोर्ट ने बोकारो फैमिली कोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया और विवाह को भंग घोषित किया। खंडपीठ ने कुछ शर्त भी लगाई है, जिसमें पति को अपनी पत्नी को 30 लाख रुपये एकमुश्त गुजारा भत्ता देना होगा...
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