मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 5 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। शहर के जूरन छपरा में नामांकन और 30 लाख रुपये में पंजाब के बठिंडा स्थित मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री। इस मामले में बठिंडा की एडीईएसएच विवि अब लीपापोती कर रही है। जिस डिग्री को एमसीआई ने फर्जी करार दे दिया है, उसकी वैद्यता की जांच के लिए ब्रह्मपुरा थाने के दारोगा केस के आईओ प्रेम रंजन कुमार बठिंडा स्थित एडीईएसएच विवि के डिप्टी रजिस्ट्रार से मिले। उन्होंने आईओ को डिग्री के संबंध में स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। गोल मोल जवाब देकर उन्हें वापस कर दिया। इस मामले में मुजफ्फरपुर पुलिस अब एडीईएसएच विवि की भूमिका पर भी संदेह कर रही है। अब डिप्टी रजिस्ट्रार को विधिवत नोटिस भेजकर मुजफ्फरपुर पुलिस जवाब मांगेगी। आईओ ने बताया कि विवि की भूमिका भी इस मामले में अब तक की जांच में संदिग्ध प्रतीत हो रही ...
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