नई दिल्ली, जून 20 -- 30 जून 2026 से बुध ग्रह वक्री होने जा रहे हैं। बुध 24 जुलाई तक इसी अवस्था में रहेंगे। ज्योतिष में बुध को बुद्धि, तर्क, बातचीत, लेखन, गणना और व्यापार का कारक ग्रह माना जाता है। इसलिए जब बुध अपनी चाल बदलते हैं तो इसका असर सबसे पहले कारोबार, बाजार और लोगों के फैसलों पर देखने को मिलता है। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार बुध आध्यात्मिक ज्ञान के नहीं, बल्कि व्यवहारिक समझ और व्यवसायिक बुद्धि के ग्रह हैं। यही कारण है कि बुध के वक्री होने पर कई बार लोग छोटी-छोटी बातों में उलझ सकते हैं, फैसले लेने में देरी हो सकती है और आर्थिक मामलों में भ्रम की स्थिति बन सकती है।शेयर बाजार और कारोबार में बढ़ सकती है हलचल पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि बुध का सीधा संबंध व्यापार और बाजार से माना जाता है। ऐसे में 30 जून से 24...