नई दिल्ली, अप्रैल 24 -- ज्योतिषशास्त्र में बुध देव को विशेष स्थान प्राप्त है। बुध देव को सभी ग्रहों में राजकुमार कहा जाता है। बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार, तर्क, संचार, गणित, त्वचा और त्वचा संबंधी रोगों का कारक ग्रह माना जाता है। यह मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं। आमतौर पर बुध ग्रह सभी ग्रहों में सबसे तेज राशि परिवर्तन करते हैं, यह एक राशि में 23 से 27 दिनों (लगभग 3-4 सप्ताह) तक ही रहते हैं। हालांकि जब बुध वक्री गति से चल रहे होते हैं तब यह एक ही राशि में 10 सप्ताह तक भी रुक सकते हैं। अब 31 अप्रैल 2026 को बुध मेष राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। बुध के मेष राशि में प्रवेश करने से कुछ राशि वालों का भाग्योदय होना तय है। इन राशि वालों को किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। आइए जानते हैं, बुध के मेष राशि में प्रवेश करने से किन राशियों को होगा लाभ म...