मधुबनी, मई 3 -- शत्रुमर्दन कुमार दीपक मधवापुर। प्रखंड क्षेत्र के रैमा गांव में बुनियादी विद्यालय की मॉडल स्कूल बिल्डिंग पर पिछ्ले साढ़े तीन वर्षों से सिर्फ कबूतरों का राज है। टाइल्स लगा कर आधुनिक सुविधाओं से संपन्न भवन के भीतर कबूतरों की गंदगी दुर्गंध फैला रही है। आलीसान भवन किस मकसद से बना, इसकी जानकारी आम लोगों को नहीं है। गिने-चुने लोग ही जानते हैं कि वहां नौवीं से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई शुरू करानी थी। इसलिए भवन का निर्माण 2023 में पूरा कराया गया। फिलहाल गांव के बच्चे, मैट्रिक व इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए घर से पांच से दस किलोमीटर दूर जा रहे हैं। जबकि, बड़ी लागत वाले तीन मंजिले भवन में कॉन्फ्रेंस हॉल समेत कुल 27 कमरे हैं। पानी टंकी, नल पाइप लाइन व बिजली के अंडर वायरिंग, शौचालय आदि से भवन को सुविधा संपन्न तो बना दिया गया। लेकिन, उसे उपयोग ...
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