नई दिल्ली, दिसम्बर 4 -- दिल्ली में हर सांस पर कैसे जहरीली हवा भारी पड़ रही है, संसद में पेश किए गए आंकड़े इसे पुख्ता कर रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया है कि 2022 से 2024 के बीच दिल्ली के छह प्रमुख केंद्र सरकार के अस्पतालों में आपातकालीन विभागों में गंभीर सांस की बीमारी के 2,04,758 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 30,420 मरीजों (यानी लगभग 15%) को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी। यह आंकड़ा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री, प्रतापराव जाधव की ओर से राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी (नामित) की ओर से उठाए गए प्रश्न संख्या 274 के जवाब में पेश किया गया। डॉ. साहनी ने विशेष रूप से निम्नलिखित सवाल पूछे थे: ➤क्या मंत्रालय ने शहरी क्षेत्रों में बढ़ते वायु प्रदूषण और श्वसन रोगों के बीच संबंध का अध्ययन किया ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.