नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- तीन साल के बच्चे के खून में कोलेस्ट्रॉल इतना बढ़ गया कि उसकी जान पर बन आई। कोलेस्ट्रॉल का स्तर 854 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर तक पहुंच गया था। दवाओं से पर्याप्त फायदा नहीं होने पर लखनऊ पीजीआई के डॉक्टरों ने प्लाज्मा एक्सचेंज के जरिए खून से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल निकालने का फैसला किया। बच्चे को 20 सप्ताह तक हर हफ्ते यह प्रक्रिया की गई। हर बार कोलेस्ट्रॉल के स्तर में औसतन करीब 70 फीसदी की कमी आई। इलाज के बाद बच्चे की हालत में सुधार हुआ और त्वचा पर जमा कोलेस्ट्रॉल भी कम हुआ। बच्चा होमोजाइगस फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (एचओएफएच) नाम की दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित था। इस बीमारी में शरीर खून से खराब कोलेस्ट्रॉल को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाता। नतीजतन खून में कोलेस्ट्रॉल लगातार बढ़ता जाता है। इससे त्वचा और नसों में कोल...