लखनऊ, अक्टूबर 3 -- यूपी में 28 हजार शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय वापसी का इंतजार है। सिर्फ पांच जिलों में मात्र दो हजार शिक्षामित्रों को ही इसका लाभ मिल सका है। जनवरी 2025 में शासनादेश होने के बावजूद जिलों में अधिकारी मनमानी दिखा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिला शिक्षामित्रों को उठानी पड़ रही है। यह भी पढ़ें- आठ सूत्रीय मांग: तहसील पर लेखपालन संघ का प्रदर्शनशिक्षामित्रों की स्थिति शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाया गया था और उसके बाद वर्ष 2017 में इनका समायोजन रद कर इन्हें दोबारा शिक्षामित्र बनाया गया। जून 2018 में शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय वापसी की गई, मगर तमाम शिक्षामित्र छूट गए। उसके बाद शिक्षामित्रों ने करीब सात वर्ष तक संघर्ष किया और जनवरी 2025 में शासनादेश जारी कर इन्हें अपने मूल विद्यालय भेजने के आदेश दिए गए। यह अपने निवास स्थान ...