जहानाबाद, मई 24 -- अरवल, निज प्रतिनिधि। ईद-ए-कुरबॉ हजरत इब्राहीम अलैहअस्सलाम की सुन्नत है। मुसलमान इस सुन्नत को बिना किसी को तकलीफ पहुंचाए खुश दिली के साथ अदा करे। कुर्बानी का मकसद शोहरत हासिल करना या दिखावा हरगिज नहीं होना चाहिए। बल्कि इसका मकसद परहेजगारी और नेकोकारी का जज्बा अपने दिल में पैदा कर नियत सिर्फ अपने अल्लाह को राजी करना हो। रियाकारी (दिखावा) अल्लाह को पसंद नहीं, उक्त बातें सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता मो मुजाहिद हुसैन ने कहा। यह भी पढ़ें- 28 से 30 मई तक मनाया जाएगा कुर्बानी का पर्वकुर्बानी की तिथियाँ उन्होंने कहा है कि मुल्क भर में ये त्यौहार 28 मई से 30 मई तक मनाया जायेगा। इन तीनों दिन (28 मई सूर्यदय से 30 मई जून सूर्यस्त से पहले तक) मुसलमान जानवरों की कुर्बानी देगें। शरई मालदार मर्द औरत मुसलमान पर कुर्बानी वाजिब है। कुर्बा...