जमशेदपुर, जुलाई 29 -- झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था के हालात कितने बदतर हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जमशेदपुर जिले में 27 लाख की आबादी पर मात्र 25 सरकारी एंबुलेंस हैं। वहीं, 108 की 16 एम्बुलेंस चालू हालत में हैं। इसके अलावा प्रसव के लिए अलग से 94 ममता वाहन हैं। लेकिन अस्पतालों में खड़ी एंबुलेंस सीएचसी से सिर्फ एमजीएम या सदर अस्पताल पहुंचाने के लिए हैं। आइए जानते हैं झारखंड की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की पूरी हकीकत वहीं, ममता वाहन सिर्फ प्रसव और एक साल तक के बच्चे के इलाज के लिए जाते हैं। 108 एंबुलेंस की बड़ी दिक्कत यह है कि शायद ही कभी किसी को मिल जाए और मरीज को अस्पताल सही तरीके से पहुंचा दे। जिले में इतनी एंबुलेंस के होने के बावजूद एक सप्ताह में दो मरीजों की मौत हो चुकी है। कई एंबुलेंस की स्थिति भी ठीक नहीं है। इससे मर...