नई दिल्ली, अगस्त 28 -- 200 साल से भी ज्यादा समय से नेपाल को तिब्बत से जोड़ने वाला हिमालय का एक संकरा रास्ता सिर्फ एक पहाड़ी सड़क नहीं रहा है। पुराने समय में इसी रास्ते से नमक, ऊन, चावल, व्यापारी, तीर्थयात्री और सेनाएं एक जगह से दूसरी जगह जाती थीं। समय के साथ यह रास्ता नेपाल और चीन के बीच व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन गया। 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने रासुवागढ़ी-केरुंग मार्ग को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया। बाढ़ की वजह से कई पुल, सड़कें और दूसरी जरूरी सुविधाएं बह गईं। इससे नेपाल और चीन के बीच आने-जाने वाला एक महत्वपूर्ण रास्ता टूट गया। इस घटना के बाद इस पुराने हिमालयी व्यापार मार्ग की अहमियत एक बार फिर चर्चा में आ गई है। कभी सामान और लोगों की आवाजाही का पारंपरिक रास्ता रहा यह मार्ग आज नेपाल और चीन के बीच व्यापार और संपर्क की एक अहम कड़ी बन ...