रांची, जनवरी 31 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 1999 के जानलेवा हमले को लेकर फायरिंग करने के मामले में सजायाफ्ता मदन मरांडी को बड़ी राहत देते हुए बरी करने का आदेश दिया है। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव और अभियोजन पक्ष की गंभीर कमियों के आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ दिया तथा दुमका की निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी की ठोस पहचान और अपराध में उसकी संलिप्तता साबित करने में असफल रहा है। जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। बता दें कि दुमका कोर्ट ने आरोपी मदन मरांडी को जानलेवा हमले में दोषी पाकर 10 साल और अवैध हथियार रखने के आरोप में दो साल कैद की सजा सुनाई थी। इस आदेश...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.