नई दिल्ली, जुलाई 25 -- जुलाई का अंतिम प्रदोष व्रत 26 जुलाई 2026 को पड़ रहा है। रविवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत रवि प्रदोष व्रत कहलाता है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर यह व्रत मनाया जाता है। भगवान शिव की पूजा शाम के समय करने का विशेष विधान है। इस दिन दो शुभ योग बन रहे हैं, जिनमें सर्वार्थ सिद्धि योग भी शामिल है। आइए जानते हैं इस व्रत की पूरी जानकारी और शाम में पूजा क्यों जरूरी है।रवि प्रदोष व्रत का महत्व और तिथि रवि प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। पंचांग के मुताबिक, आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी 26 जुलाई दोपहर 1:57 बजे से शुरू होकर 27 जुलाई शाम 4:14 बजे तक रहेगी। रविवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत विशेष फलदायी होता है। भक्त इस दिन श्रद्धा से व्रत रखते हैं और शाम को शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। इस व्रत ...