फर्रुखाबाद कन्नौज, जुलाई 31 -- कायमगंज, संवाददाता।लखनपुर हत्याकांड के आरोपित किशोरीलाल की 28 साल बाद हुई गिरफ्तारी अचानक नहीं हुई। पुलिस पिछले करीब तीन माह से उसकी तलाश में लगातार सुरागरसी में जुटी थी। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपित ने गांव से नाता तोड़ लिया था और अपनी पहचान तक बदल रखी थी। नाम-पता ही नहीं, बल्कि आधार, पैन कार्ड और बैंक पासबुक समेत दूसरे अभिलेख भी दूसरे नाम से बनवा लिए थे। आखिरकार पुलिस ने रिश्तेदारी के एक सुराग से शुरू हुई पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए एटा के निधौली कलां में किशोरीलाल तक पहुंचने में सफलता हासिल की। 11 अगस्त 1991 को कोतवाली क्षेत्र के लखनपुर गांव में छह लोगों की हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया था। मुकदमे में आरोपित किशोरीलाल जमानत के बाद करीब 1998 में फरार हो गया था। इसके बाद से पुलिस ...