बलिया, जुलाई 9 -- बलिया, संवाददाता। चिलकहर ब्लॉक के बछईपुर स्थित वृहद गो आश्रय स्थल में 24 लाख की लागत से स्थापित गोबर गैस प्लांट से निर्माण के एक साल बाद भी न तो बिजली का उत्पादन शुरू हो सका है और न ही जैविक उर्वरक ही बन रहा है। स्थित यह है कि तीन माह यानि 90 दिन में बनने वाला यह प्लांट तीन साल बाद भी अधूरा है। जिम्मेदारों की लापरवाही से वृहद गो आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की सरकारी मंशा तार-तार हो रही है। वहीं जिला पंचायत राज विभाग केवल कार्यदायी संस्था को नोटिस भेज कर्त्तव्य पूरा कर रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से वर्ष 2023 में वृहद गो आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोवर्धन योजना के तहत राज्य के प्रत्येक जिलों में एक-एक वृहद गो आश्रय स्थलों में गोबर गैस प्लांट और जैविक उर्वरक सेंटर निर्माण कराने का निर्णय लिया गया था। यह भी...