सहरसा, जुलाई 19 -- सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। किशोर न्याय ‌तहत बालकों को देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम, 2015 के प्रावधानों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला की अध्यक्षता रविवार को पियुष पायल, प्रधान दण्डाधिकारी, किशोर न्याय बोर्ड, सहरसा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में जिले के सभी थानाध्यक्ष और सभी बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे। प्रधान दण्डाधिकारी द्वारा कार्यशाला के माध्यम से सभी थानाध्यक्ष और बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि विधि विरूद्ध बालकों को किस स्थिति में थाने में लाया जाना है। किस स्थिति में बालकों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करना है और बालकों को निरूद्ध करने के उपरान्त कैसे किशोर न्याय बोर्ड में लाना है।

बालकों के अधिकार बालकों को 24 घंटे के अन्दर संरक्षण व जरूरत के अनुसार चिकित्स...