23 सितंबर से शुक्र अस्त, 37 दिन तक प्रेम और दांपत्य जीवन में आएगी कमी? पंडित नरेंद्र उपाध्याय ने बताया असर
नई दिल्ली, सितम्बर 18 -- Shukra Ast 2026: सितंबर के अंत में शुक्र ग्रह अस्त होने जा रहे हैं। ज्योतिष में शुक्र को विवाह, प्रेम और दांपत्य सुख का कारक माना जाता है। ऐसे में शुक्र के अस्त होने की अवधि को इन विषयों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, इस दौरान दांपत्य जीवन और प्रेम संबंधों में कुछ कमी देखने को मिल सकती है। हालांकि, इसे पूरी तरह नकारात्मक स्थिति नहीं कहा जा सकता।कालपुरुष की कुंडली में शुक्र का संबंध पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, कालपुरुष की कुंडली में शुक्र द्वितीय और सप्तम भाव से जुड़े हैं। द्वितीय भाव परिवार और धन का है, जबकि सप्तम भाव विवाह और दांपत्य जीवन का प्रतिनिधित्व करता है। यही वजह है कि शुक्र की स्थिति बदलने पर इन विषयों की चर्चा होती है। शुक्र अस्त होने के दौरान दांपत्य जीवन में ...
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