23 साल पूरे होने पर शाला प्रवेशोत्सव का फोकस नामांकन से गुणवत्ता आधारित शिक्षा तक पहुंचा
नई दिल्ली, जून 24 -- गुजरात में शाला प्रवेशोत्सव और कन्या केलवाणी रथयात्रा अभियान ने 23 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अभियान की शुरुआत वर्ष 2003 में तत्कालीन गुजरात मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई थी। उस समय राज्य में स्कूल ड्रॉपआउट दर 37 प्रतिशत से अधिक थी और विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा सामाजिक तथा आर्थिक चुनौतियों से प्रभावित थी। अभियान का उद्देश्य स्कूल नामांकन बढ़ाना, ड्रॉपआउट कम करना और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।गांवों तक पहुंचे मंत्री और अधिकारी अभियान के तहत मंत्री, विधायक और IAS, IPS तथा IFS अधिकारियों ने गांवों का दौरा कर परिवारों से संवाद किया और बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। यह अभियान पिछले 23 वर्षों से लगातार चल रहा है और समय के साथ शिक्षा जागरूकता के बड़े कार्यक्रम के ...
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