धनबाद, जनवरी 19 -- विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी इस वर्ष 23 जनवरी को मनाई जाएगी। शुक्रवार के दिन शिव योग और उत्तरभादप्रद नक्षत्र के शुभ संयोग में मां की पूजा आराधना होगी। पंचाग के अुनसार गुरुवार की देर रात 2:28 बजे पंचमी तिथि का प्रवेश हो रहा है जो कि 23 की देर रात 1:46 बजे तक रहेगा। इसके बाद पष्ठी तिथि का प्रवेश हो जाएगा। मान्यता है कि इस दिन देवी की आराधना से जीवन में प्रेम, सौहार्द और रचनात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गायन, वादन, नृत्य, लेखन सहित सभी कलाओं से जुड़े साधकों के लिए बसंत पंचमी का विशेष महत्व है। पंडित रमेश चंद्र त्रिपाठी बताते हैं कि इस दिन मां सरस्वती की आराधना करने से कला, रचनात्मकता और ख्याति में वृद्धि होती है तथा साधक को सफलता मिलती है। अंतिम चरण में प्रतिमा निर्माण का कार्य : सरस्वती पूजा के लिए मूर...
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