22 साल बाद अनुकंपा नौकरी की मांग; हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने क्या दिया फैसला?
शिमला, सितम्बर 7 -- हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग में तदर्थ आधार पर कार्यरत रहे एक दिवंगत कर्मचारी के बेटे की अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी देने की मांग खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि कर्मचारी की मृत्यु के 22 साल बाद अनुकंपा नियुक्ति की मांग करना संबंधित नीति के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। न्यायाधीश रंजन शर्मा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिका खारिज कर दी।पिता की मृत्यु के बाद मांगी थी नौकरी मामला राकेश कुमार की ओर से दायर याचिका से जुड़ा था। याचिकाकर्ता के पिता शिक्षा विभाग में तदर्थ आधार पर कार्यरत थे और 24 जुलाई 1995 को सेवा के दौरान उनका निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद परिवार की ओर से अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए प्रयास किए गए थे।सरकार ने खारिज कर दिए थे आवेदन याचिकाकर्ता की मां मीरा देवी ने सा 1998...
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