नई दिल्ली, जून 19 -- 22 जून 2026 को सूर्य देव मृगशिरा नक्षत्र से निकलकर राहु के स्वामित्व वाले आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। यह नक्षत्र वर्षा ऋतु की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र और पुराणों के अनुसार, सूर्य जब आर्द्रा नक्षत्र में गोचर करते हैं, तो धरती पर अच्छी बारिश की संभावना बढ़ जाती है। इस दौरान सूर्य देव के साथ इंद्र देव की पूजा की जाती है, जो धान की खेती और समृद्धि के लिए बेहद शुभ मानी जाती है।आर्द्रा नक्षत्र का महत्व आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी राहु है और इसका देवता रुद्र (भगवान शिव का उग्र रूप) माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य इस नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो पृथ्वी रजस्वला होती है, यानी बीज बोने और फसल उगाने का शुभ समय शुरू होता है। पुराणों में इसे मानसून के आगमन का संकेत माना जाता है। इस दौ...