धनबाद, मार्च 18 -- धनबाद, वरीय संवाददाता। नेम-निष्ठा का महापर्व छठ साल में दो बार मनाया जाता है। एक बार कार्तिक माह में तो दूसरी बार चैत्र माह में। चैत्र माह में मनाए जाने वाले छठ की महत्ता कहीं अधिक है। यह सबसे कठिन व्रत में से एक है। चैत्र नवरात्र के मध्य में यह छठ मनाया जाता है। 22 मार्च को नहाए-खाए के साथ पर्व की शुरुआत हो रही है। चैती छठ में महज तीन दिन ही शेष बचे हैं। अभी से पूजा की तैयारी शुरू हो गई है। 23 मार्च को खरना व 24 को संध्या अर्घ्य: 23 मार्च को खरना होगा। व्रती अपने-अपने क्षेत्र की परंपरा के अनुसार कहीं चावल तो कहीं चावल और दूध से बनी खीर का प्रसाद आम की लकड़ी में प्रज्वलित अग्नि पर बनेगा। इससे पूर्व अग्निदेव की पूजा जाती है और छठी मईया का आह्वान होता है। फिर प्रसाद ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का कठिन व्रत शुरू हो जाएगा। 24...
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