नई दिल्ली, सितम्बर 24 -- चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और बाकी दो चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू के बीच वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) समेत कई मसलों पर अंदर चल रहा झगड़ा बाहर आने से पहले ही उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी को इसका संकेत मिल गया था। चुनाव आयुक्तों के बीच गहरे मतभेद की खबर 23 सितंबर को अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस में छपी, लेकिन ज्ञानेश कुमार का यूपी के मेरठ और वाराणसी में तय सरकारी कार्यक्रम 21 सितंबर को ही रद्द कर दिया गया था। ज्ञानेश कुमार के काम करने के तौर-तरीके को लेकर आयोग के अंदर खींचतान सार्वजनिक होने से पहले ही सीईसी का सरकारी कार्यक्रम रद्द होना इस बात का प्रमाण है कि यह मामला पहले ही बिगड़ चुका था। सीईसी को 25 सितंबर को मेरठ और 28 सितंबर को वाराणसी में बैठकों के अलावा ...