नई दिल्ली, जुलाई 15 -- पश्चिम बंगाल की राजनीति में 21 जुलाई की तारीख का महत्वपूर्ण स्थान है। हर साल इस दिन को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा शहीद दिवस (Martyrs' Day) के रूप में मनाया जाता है। विशेष रूप से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए यह साल का सबसे बड़ा और प्रमुख राजनीतिक कार्यक्रम होता है। इस दिन का इतिहास साल 1993 से जुड़ा है, जब पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा की सरकार थी। 21 जुलाई 1993 को ममता बनर्जी ने वामपंथी सरकार के खिलाफ एक विशाल आंदोलन का नेतृत्व किया था। उस समय ममता युवा कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष के पद पर थीं। इस आंदोलन के दौरान ममता बनर्जी की मांग थी कि चुनावों में धांधली रोकने और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए फोटो वाले पहचान पत्र को अनिवार्य बनाया जाए। इसी मांग को लेकर युवा कांग्...