नई दिल्ली, सितम्बर 29 -- Saturn in revati nakshatra parivartan 2027: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि को क्रूर ग्रह माना गया है। शनि न्याय देवता और कर्मफल दाता हैं। हर व्यक्ति को शनि उसके कर्मों के अनुसार अच्छे और खराब परिणाम प्रदान करते हैं। शनि की चाल या स्थिति में होने वाला बदलाव भी जनमानस के साथ देश-दुनिया को प्रभावित करता है। शनि 09 अक्टूबर को उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में आएंगे और फिर 2027 में ही नक्षत्र परिवर्तन करेंगे। 8 फरवरी 2027 को शनि रेवती नक्षत्र में गोचर करेंगे और 3 जून 2027 तक यानी 115 दिन इसी नक्षत्र में रहेंगे। रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध हैं। पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि शनि और बुध के आपस में मित्र हैं। शनि के मित्र नक्षत्र में गोचर करने से उनकी क्रूरता में कमी आएगी या उनकी दंडात्मक प्रवृत्ति कमजोर होगी। रेवती नक्षत्र ...