देहरादून, अप्रैल 4 -- 'अपनी गणना-अपने गांव' अभियान के तहत हुई बैठक में उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों के अस्तित्व और राजनीतिक भविष्य पर चर्चा हुई। बैठक में गांवों का अस्तित्व बचाने के लिए 2027 की जनगणना में प्रवासियों को गांवों से जोड़ने का संकल्प लिया गया। शनिवार को प्रेस क्लब में डॉ. आरपी रतूड़ी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वक्ताओं ने आगामी जनगणना-2027 पर चर्चा की। बैठक में चिंता जताई गई कि यदि पलायन के कारण पर्वतीय क्षेत्रों की जनसंख्या इसी तरह घटती रही, तो आगामी परिसीमन में पहाड़ की राजनीतिक ताकत कम हो जाएगी। आंकड़ों के अनुसार, यदि 2027 की जनसंख्या को आधार बनाया गया, तो 9 पर्वतीय जिलों की विधानसभा सीटें घटकर मात्र 39 रह सकती हैं, जबकि 4 मैदानी जिलों की सीटें बढ़कर 66 तक पहुंच सकती हैं। इसे राज्य निर्माण के मूल उद्देश्यों के विपरीत बताया ग...