छपरा, जनवरी 2 -- बिहार के छपरा से हैरतअंगेज खबर है। वर्ष 2008 में जिस बेटे को परिवार ने मृत मानकर हिन्दू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया था, वही बेटा 18 वर्ष बाद गुरुवार को जब एक युवा के रूप में माता-पिता और भाई के सामने खड़ा हुआ, तो मानो समय ठहर गया। सामाजिक सुरक्षा विभाग के तत्वाधान में संचालित छपरा स्थित सेवा कुटीर परिसर में हुआ यह पुनर्मिलन ऐसा था, जिसने वहां मौजूद हर आंख को नम कर दिया। बिछड़ने की पीड़ा, वर्षों की प्रतीक्षा और अचानक मिली खुशी-इन सभी भावनाओं का सैलाब उस क्षण फूट पड़ा, जब रोशन कुमार अपने परिजनों से गले मिला और फफक-फफक कर रोने लगा। माता-पिता की आंखों से भी आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। बताया जाता है कि मुजफ्फरपुर जिले के गायाघाट प्रखंड अंतर्गत लक्ष्मण नगर निवासी विश्वनाथ साह और रामपरी देवी का पुत्र रोशन मैट्रिक प...