बिजनौर, सितम्बर 21 -- देश में जच्चा-बच्चा मृत्यु दर में कमी लाने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार 'जननी सुरक्षा योजना' जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है। हालांकि, जिम्मेदार कर्मचारियों की लापरवाही और अनैतिक रवैये के कारण पात्र महिलाओं को इस योजना के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। ताजा मामला मेडिकल कालेज से सम्बद्ध जिला महिला अस्पताल बिजनौर से सामने आया है, जहां कथित तौर पर कमीशन और सुविधा शुल्क न मिलने के कारण एक प्रसूता के दस्तावेज योजना में चढ़ाने से मना कर दिया गया। आशा कार्यकत्री ने विभागीय अफसरों को प्रकरण से अवगत कराया है। ​जानकारी के अनुसार बीती 1 सितंबर को बाखरपुर निवासी सोनू की पत्नी पूजा का जिला महिला अस्पताल में बड़े ऑपरेशन (सिजेरियन) से प्रसव हुआ था, जिसमें पूजा ने एक बेटे को जन्म दिया। गांव की आशा कार्यकर्...