गोपालगंज, दिसम्बर 5 -- गोपालगंज, नगर संवाददाता अस्पताल नए भवन में शिफ्ट हो चुका है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही साफ-सफाई का दबाव भी बढ़ा है। इन सबके बीच सबसे अधिक मार पड़ रही है उन 40 से ज्यादा जीविका कर्मियों पर जिन्हें प्रतिदिन मात्र 200 रुपए देकर आठ-आठ घंटे काम कराया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि उन्हें एक भी साप्ताहिक अवकाश नहीं मिलता। यदि किसी दिन छुट्टी लेनी पड़ जाए तो उस दिन की मजदूरी सीधे काट ली जाती है। इससे उनका आर्थिक बोझ और बढ़ जाता है। अक्टूबर तक अस्पताल में 32 सफाईकर्मी काम कर रहे थे, जिनमें 27 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल थे। लेकिन नए भवन में शिफ्टिंग शुरू होते ही संख्या बढ़ाकर 42 कर दी गई। नवंबर में 42 और दिसंबर में अब तक 41 लोग इस कार्य में जुटे हैं। अस्पताल के बढ़ते क्षेत्रफल और भीड़ को देखते हुए जीवि...