नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- Baisakhi Diyan Lakh Lakh Vadhaiyan: सिख पंथ के दसवें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने सन् 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी। तभी से बैसाखी का पर्व पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह दिन सिख समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है, और इस अवसर पर लोग गुरुद्वारों में जाकर कीर्तन सुनते हैं तथा अरदास करते हैं। इस त्योहार को फसल कटाई से भी जोड़ा जाता है। बैसाखी रबी की फसल (खासकर गेहूं) की कटाई के समय मनाई जाती है। इस दिन किसान अच्छी फसल के लिए भगवान का धन्यवाद करते हैं और खुशहाली का जश्न मनाते हैं। खेतों में हरियाली और समृद्धि का यह प्रतीक माना जाता है। हरियाणा और पंजाब में खासतौर पर बैसाखी की धूम देखने को मिलती है। अगर आप भी अपने प्रियजनों को बैसाखी की शुभकामनाएं भेजना चाहते हैं, तो यहां दिए ...
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