20 लाख से अधिक लोगों की अभी भी नहीं बनी आभा आईडी
कुशीनगर, मई 15 -- कुशीनगर। तेजी से बदलते दौर में चिकित्सकीय सुविधाओं को भी हाईटेक किया जा रहा है। ऐसी ही चिकित्सकीय सुविधाओं में आभा आईडी भी है, जिसके बन जाने के बाद मरीज के पर्चे और मोटी-मोटी फाइलें लेकर अस्पतालों में दौड़ने की झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। हालांकि, अभी भी जनपद में 20 लाख से अधिक ऐसे लोग हैं, जिनकी यह आईडी नहीं बन पाई है। इस पर तेजी से काम शुरू करने के लिए लखनऊ में सीएमओ और एमओआईसी के प्रशिक्षण के बाद अब इनके मातहतों की बारी है। जल्द इन्हें भी प्रशिक्षण देकर इस पद्धति से इलाज शुरू किया जाएगा।
आभा आईडी का उद्देश्य हर प्रकार के मरीज की चिकित्सा व्यवस्था को सरल बनाने के लिए 27 सितंबर, 2021 को आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ एकाउंट (आभा) आईडी की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत की थी। जिले में 39...
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