नई दिल्ली, मई 26 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने 34 साल पुराने एक केस में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। दरअसल, दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के एक बर्खास्त बस कंडक्टर को महज 20 रुपये की गड़बड़ी करना बड़ा महंगा पड़ गया। अपनी इस गलती के लिए आरोपी कंडक्टर को 34 साल तक अदालतों के चक्कर लगाने पड़े। आखिरकार दिल्ली हाई कोर्ट ने अब इस बस कंडक्टर को राहत देते हुए उसकी बहाली के आदेश दिए हैं। इस बस कंडक्टर पर सवारियों से पैसे लेकर उन्हें टिकट नहीं देने का आरोप था। चीफ जस्टिस देवेन्द्र कुमार उपाध्याय एवं जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने डीटीसी को कहा है कि इस बस कंडक्टर को नौकरी पर बहाल किया जाए। इसके साथ ही बेंच ने यह भी कहा कि बस कंडक्टर की गलती को पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए कंडक्टर को उसके पिछले वेतन का कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। यह भी पढ़ें- जवानी...