रामपुर, मार्च 25 -- पश्चिम एशिया में तनाव का असर विकास कार्यों पर नजर आने लगा है। कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने से डामर का उत्पादन गिरा तो इसकी कीमतें भी बढ़ गईं। 20 दिनों में करीब 7500 रुपये डामर के दाम बढ़े हैं वहीं राज्य सरकार ने इस पर सब्सिडी भी बंद कर दी है। ईरान और ओमान के बीच संकरे समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के जरिये कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे में कच्चे तेल को रिफाइन करने पर मिलने वाले डामर का उत्पादन भी घट गया है। इसका असर, बिटुमिन की कीमतों पर दिखने लगा है। महज 20 दिनों के भीतर बिटुमिन करीब साढ़े सात हजार रुपये प्रति टन महंगा हो गया है। सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी भी बंद कर दी गई है। इससे सड़क निर्माण परियोजनाओं की लागत में करीब 15 प्रतिशत तक वृद्धि हो गई है। बीते 28 फरवरी तक एक टन बिटुमिन की कीमत करीब 47...