जौनपुर, जुलाई 8 -- जौनपुर, संवाददाता। खरीफ में अरहर की बुआई किसान 20 जुलाई के आसपास या उसके बाद करें। इससे फसल को कोहरा-पाला से निजात मिलेगी। खेती-किसानी में परम्परागत रूप से किसान यह करते हैं कि खरीफ सीजन में जब भी बारिश हो जाए तो तुरन्त अरहर की छिटाई-बुआई कर देते हैं। चाहे चार-पांच जून को ही बारिश क्यों न हो जाए। हालांकि पहले वातावरण की स्थिति कुछ और थी। उस समय किसान अरहर की अधिक बुआई करते थे। इसलिए कितना भी नुकसान हो, कुछ न कुछ फसल मिल जाती थी। लेकिन आज स्थिति बदल गई है। प्रदूषण और वैश्विक तापमान के चलते जलवायु बदल गई है। अब बदली जलवायु के मुताबिक खेती करना है, तभी उत्पादन मिल सकेगा。

जून में बुआई से है ये हानि किसान पहली बारिश के बाद जून के मध्य में अरहर की बुआई कर देते हैं तो उसमें 15 दिसम्बर के आसपास फूल निकलने लगता है। आगे दिसम्बर ...