नई दिल्ली, जुलाई 18 -- कुछ सपने स्कूल की किताबों से नहीं, बल्कि जिंदगी की मजबूरियों से जन्म लेते हैं। जिंदगी जब आपके सामने कोई आसान रास्ता न छोड़े, तो कई बार वही आपके सबसे बड़े सफर की शुरुआत होती है। बिहार की रहने वाली बबली कुमारी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। यह कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं है, बल्कि यह कहानी है एक उस जज्बे की, जिसने शादी, प्रेगनेंसी और 20-20 घंटे की थका देने वाली पुलिस ड्यूटी के बावजूद हार मानना नहीं सीखा। बबली का जन्म 1995 में बिहार के बोधगया में एक बेहद साधारण किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता तुलसी दास छोटी सी किसानी करते थे। इसके अलावा घर का खर्च ठीक से चल सके, इसके लिए वह स्कूल बस भी चलाया करते थे। घर में पैसों की तंगी हमेशा बनी रहती थी, लेकिन उनके मां-बाप ने बच्चों की पढ़ाई में इसका साया कभी नहीं पड़ने दिया।...