नई दिल्ली, अक्टूबर 30 -- सफलता किसी की मोहताज नहीं होती, बशर्ते आपके इरादे फौलादी हों। बिहार की रहने वाली बबली कुमारी का जीवन इस बात की सबसे बड़ी मिसाल है। वर्ष 1995 में एक बेहद साधारण किसान परिवार में जन्मी बबली के पिता तुलसी दास खेती के साथ-साथ परिवार का पेट पालने के लिए स्कूल बस भी चलाते थे। आर्थिक तंगी के बावजूद उनके माता-पिता ने बबली की पढ़ाई कभी रुकने नहीं दी। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद वर्ष 2013 में उनकी शादी बोधगया के ही एक छोटे व्यवसायी रोहित कुमार से हो गई। शादी के बाद जिम्मेदारियां तो बढ़ीं, लेकिन बबली का सरकारी अफसर बनने का सपना धुंधला नहीं पड़ा। कांस्टेबल से शुरू हुआ पुलिस सेवा का सफर अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से बबली ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। उनकी मेहनत रंग लाई और वर्ष 2015 में उनका ...