मुजफ्फरपुर, अप्रैल 12 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। अक्षय तृतीया 20 अप्रैल को मनाई जाएगी। पंडित प्रभात मिश्र ने बताया कि वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया को आखातीज व चिरंजीवी भी कहा जाता है। चारों युगों सत्ययुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग में से त्रेतायुग का आरम्भ इसी आखातीज से हुआ था। इसलिए इसे युगादि तिथि भी कहते हैं। अक्षय तृतीया के दिन चारों धामों में से एक बद्रीनारायण भगवान के पट इसी तिथि को खुलते हैं और श्रीवृन्दावन धाम में श्री विहारी जी के चरणों के दर्शन वर्ष में एक बार होते हैं। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु उनके चरणों के दर्शन के लिए श्रीवृन्दावन धाम पहुंचते हैं। यह तिथि स्वयंसिद्ध मुहूर्तों में मानी गई है। अक्षय तृतीया सर्वसिद्ध मुहूर्त के रूप में भी विशेष महत्व रखता है इस दिन बिना कोई पंचांग देखे कोई भी शुभ...
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