नई दिल्ली, जून 17 -- मिजोरम की एक जिला अदालत ने 9 साल पुराने एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने 2017 में एक स्थानीय आदिवासी महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उस पर एसिड से हमला करने के मामले में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के दो जवानों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आइजोल की अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश सिल्वी जोमुआनपुई राल्ते ने दोनों जवानों को गैंगरेप का दोषी करार दिया। मामला 2017 का है। पीड़िता 16 जुलाई 2017 को अपनी एक सहेली के साथ भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित ममित जिले में गस्काटा नदी के घने जंगलों में जंगली सब्जियां इकट्ठा करने गई थी। उसी दौरान, स्थानीय बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) पर तैनात बीएसएफ जवान नीलांजन दास और दिनेश कुमार ने दोनों महिलाओं को घेर लिया। जवानों ने एक महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद अपनी पहचान छिपान...