देवघर, सितम्बर 16 -- संताल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज देवघर ने 15 अक्टूबर 2026 से Rs.2,000 रुपए से अधिक के व्यापारिक यूपीआई (पी2एम) लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू किए जाने के निर्णय पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार एवं एनपीसीआई से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। 2 हजार से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर एमडीआर लागू करने के निर्णय का विरोध करते हुए संताल परगना चैंबर देवघर के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा एवं महासचिव निरंजन कुमार सिंह ने कहा कि यूपीआई देश के व्यापार एवं डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। ऐसे में व्यापारियों पर किसी भी प्रकार की अतिरिक्त भार लेन-देन पर लागू करना विशेषकर छोटे एवं मध्यम व्यवसायों के लिए चिंता का विषय है। यह भी पढ़ें- यूपीआई शुल्क से फिर बढ़ सकता है कैश का चलन च...