मैनपुरी, फरवरी 27 -- मैनपुरी। इस बार होली का पर्व खगोलीय और शास्त्रीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। धर्मसिंधु और अन्य पौराणिक ग्रंथों के निर्णय के अनुसार, इस वर्ष 2 मार्च यानि सोमवार को होलिका दहन किया जाएगा। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का प्रारंभ 2 मार्च को सायंकाल 5:56 बजे होगा। आचार्य आशुतोष नारायण त्रिपाठी उर्फ आशु ने बताया कि भद्रा की स्थिति को देखते हुए, शास्त्र सम्मत निर्णय के अनुसार सायंकाल 6:25 से रात्रि 9 बजे तक भद्रा पुंछ के समय होलिका पूजन और दहन करना श्रेयस्कर होगा। इसी अवधि में श्रद्धालु माता की परिक्रमा कर आखत अर्पित कर सकेंगे। आचार्य राजीव मिश्रा बताते हैं कि मंगलवार 3 मार्च को खग्रास (ग्रस्तोदित) चंद्र ग्रहण लग रहा है। भारतीय समयानुसार ग्रहण की प्रक्रिया दोपहर 2:14 बजे विरल छाया से शुरू होकर सायंकाल 7:53 बज...