नई दिल्ली, मई 30 -- कहते हैं कि मंजिलें उन्हें नहीं मिलतीं जिनके ख्वाब बड़े होते हैं बल्कि कामयाबी उनके कदम चूमती है जो अपनी जिद पर अड़े होते हैं। यूपीएससी (UPSC) का सफर भी कुछ ऐसा ही है जहां सिर्फ पढ़ाई का नहीं, बल्कि आपके हौसले और जज्बे का भी कड़ा इम्तिहान होता है। आज हम आपको एक ऐसी ही सच्ची कहानी बताने जा रहे हैं, जिसने साबित कर दिया कि अगर इरादा पक्का हो, तो नाकामियां भी कामयाबी का रास्ता बन जाती हैं। गोरखपुर की रहने वाली इशिता शर्मा ने जब 12वीं क्लास टॉप की थी, तो पूरे भरोसे के साथ ऐलान किया था कि वो एक दिन आईएएस (IAS) अफसर जरूर बनेंगी। ये जवानी का कोई जोश या हवा-हवाई बात नहीं थी, बल्कि एक ऐसा पक्का इरादा था जिसने उन्हें कभी रुकने नहीं दिया। और अब, यूपीएससी 2025 के नतीजों में ऑल इंडिया 26वीं रैंक (AIR 26) हासिल करके उन्होंने अपना वो बचपन...