नई दिल्ली, मई 28 -- Rahu Shatabhisha Nakshatra Padh Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में राहु को पापी और मायावी ग्रह के साथ-साथ अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली ग्रह माना जाता है। विज्ञान की दृष्टि से राहु का कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है। यह सूर्य और चंद्रमा के परिक्रमा पथों के कटान बिंदु को दर्शाता है। ज्योतिष में इसे छाया ग्रह कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय जब स्वरभानु नामक असुर ने छल से अमृत पान कर लिया, तब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से उसका सिर काट दिया। अमृत के प्रभाव से वह अमर हो चुका था, इसलिए उसका सिर 'राहु' कहलाया और धड़ 'केतु' बना। राहु अचानक होने वाली घटनाओं का कारक है। जब राहु शतभिषा नक्षत्र के प्रथम पद में गोचर करता है, तो यह एक बेहद प्रभावशाली और गहरा समय माना जाता है। शतभिषा राहु का स्वयं का नक्षत्र है।...