अहमदाबाद, अप्रैल 30 -- कहते हैं कि ना सच को कुछ समय के लिए दबाया जा सकता है,हमेशा के लिए छिपाया नहीं जा सकता है। गुजरात के अहमदाबाद में हुई घटना इस सूक्ति पर और और विश्वास बढ़ाती है। अहमदाबाद क्राइम ब्रान्च ने 34 साल पहले अंजाम दिए गए उस हत्याकांड का खुलासा किया है, जिसे अंजाम देने वालों ने मान लिया था कि अब उनका सच कभी बाहर नहीं आएगा। दिलचस्प बात यह है कि इस हत्याकांड को सुलझाने का जितना श्रेय पुलिस से ज्यादा 'मृतक के भूत'को जाता है। अहमदाबाद क्राइम ब्रान्च ने 1992 में कत्ल की गई महिला के कंकाल का कुछ हिस्सा बरामद किया है। अहमदाबाद के कुतुबनगर में बुधवार को खुदाई के साथ ही दशकों पुराने केस की फाइल फिर खुल गई है और पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। माना जा रहा है कि अवशेष फरजाना उर्फ शबनम के हैं। फरजाना मुंबई की रहने वाली थी और ...