नई दिल्ली, दिसम्बर 12 -- Shivraj Patil: बात 1980 की है। जनवरी में हुए लोकसभा चुनावों में प्रचंड जीत के बाद इंदिरा गांधी की फिर से केंद्र सरकार में वापसी हुई थी। तब कांग्रेस पार्टी को 353 सीटें मिली थीं। इस जीत के बाद संगठन और सत्ता पर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी की पकड़ मजबूत हो रही थी। उनकी सरकार में भी तूती बोल रही थी लेकिन जून में एक विमान हादसे में उनकी मौत हो गई। इस हादसे से इंदिरा टूट गई थीं। संजय उस वक्त अमेठी से सांसद थे। लिहाजा, उनकी विधवा मेनका गांधी इंदिरा गांधी से अमेठी सीट पर अपना राजनीतिक विरासत चाहती थीं लेकिन इंदिरा गांधी इसके लिए तैयार नहीं थीं। दूसरी तरफ, इंदिरा चाहती थीं कि बड़े बेटे राजीव गांधी पायलट का करियर छोड़कर राजनीति में आ जाएं। इसके पीछे एक बड़ी वजह यह भी थी कि संजय गांधी की मौत के बाद बद्...
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