गंगापार, अगस्त 31 --  यमुना नदी की बाढ़ की रफ्तार देखते हुए ग्रामीण वर्ष 1978 की बाढ़ जैसै हालत आने की आशंका से दहशत में है। घूरपुर के तराई इलाके के दर्जन भर गांवो में नालों के सहारे गांव के बस्ती में पानी नजदीक आ जाने से बूढ़े बुजुर्ग 1978 के बाढ़ की तबाही की कहानी बताना शुरू कर दिए है। तराई इलाके के बसवार, अमिलिया, पालपुर, इरादतगंज, सारीपुर, बीकर,  देवरिया, मोहनी का पूरा, कैनुआ, कंजासा, बिरवल, जगदीशपुर, नगरवार, मानपुर, महेरा,  मझीयारी, सेमरी, नौढिया, पंडुआ, प्रतापपुर गांवो में यमुना बाढ़ का पानी नालों के रास्ते बस्तियों में प्रवेश करने को आतुर है। लालापुर के माझियारी गांव को जाने वाले रास्ते तक अभी पानी नहीं पहुंचा है। नहीं तो यह गांव टापू बन जाता है।  कंजासा गांव के लोग बताते है कि यदि  वर्ष 1978 जैसी बाढ़ की हालत की पुनरावृति हुई तो प...