नई दिल्ली, मार्च 27 -- बांग्लादेश ने 26 मार्च को अपना स्वतंत्रता दिवस पूरी भव्यता और ऐतिहासिक गौरव के साथ मनाया। 1971 में पाकिस्तान के दमनकारी शासन से मिली इस आजादी का जश्न इस साल कुछ खास मायने रखता है। दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में पिछले कुछ समय से चल रही उथल-पुथल के बीच, बांग्लादेश ने एक स्पष्ट संदेश दिया है। शेख हसीना के लंबे शासनकाल के अंत और उसके बाद के घटनाक्रमों को पीछे छोड़ते हुए तारिक रहमान के नेतृत्व में बनी नई सरकार ने भारत के साथ अपने रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को एक नई दिशा दी है। इस बदलते परिदृश्य में सबसे बड़ा झटका पाकिस्तान को लगा है। शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद इस्लामाबाद में जो उम्मीदें जगी थीं, वे अब पूरी तरह से धूमिल हो चुकी हैं।नई दिल्ली में जश्न: भारत-बांग्लादेश संबंधों का 'रीसेट' बांग्लादेश के स्वतंत्रत...
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