1961 में अधिग्रहित जमीन वापस नहीं मिलेगी, हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज
रांची, जुलाई 23 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद के पाथरडीह कोल वाशरी के लिए वर्ष 1960-61 में अधिग्रहित जमीन को मूल रैयतों के वारिसों को लौटाने को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने कहा कि जमीन का अधिग्रहण कानून के अनुसार किया गया था, मुआवजा भी दिया गया था और इतने वर्षों बाद इस प्रक्रिया को चुनौती देने का कोई आधार नहीं बनता। प्रार्थियों ने दावा किया था कि उनके पूर्वजों की करीब 200 एकड़ कृषि भूमि पाथरडीह कोल वाशरी के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। उनका कहना था कि बहुत कम मुआवजा दिया गया, पुनर्वास या नौकरी का लाभ नहीं मिला और जमीन का बड़ा हिस्सा अब भी खाली पड़ा है। इसलिए, अनुपयोगी भूमि उन्हें वापस की जाए। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि बीसीसीएल इस जमीन को निजी कंपनी मोनेट इस्पात एं...
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