1942 में ही मस्जिद दी, भोजशाला के नाम पर बार-बार नमाज की जगह मांगना गलत; किसने कहा?
धार, जुलाई 15 -- भोजशाला परिसर के 300 मीटर के दायरे के बाहर नमाज के लिए जगह देने की अपील करते हुए भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने बुधवार को एक ऐसी कहानी सुनाई जिसका जिक्र आम तौर पर नहीं किया जाता है। गोपाल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम फैसले का स्वागत किया लेकिन यह भी कहा कि भोजशाला के नाम पर बार-बार नमाज के लिए जगह की मांग करना उचित नहीं है। मुस्लिम पक्ष को तो 1942 में ही भोजशाला से बाहर नमाज के लिए मस्जिद दी गई थी। भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने जिला प्रशासन से अपील है कि वे ऐसा इंतजाम करें जिससे भोजशाला परिसर के 300 मीटर के दायरे के बाहर नमाज पढ़ी जाए। भोजशाला परिसर से आशय 300 मीटर के दायरे में आने वाला पूरा इलाका है। उस 300 मीटर के दायरे के बाहर कहीं भी नमाज पढ़ी जा सकती है। हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स...
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