कुशीनगर, सितम्बर 30 -- कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। पिछले 19 वर्षों में एपी तटबंध कम से कम तीन बार टूट चुका है। वर्ष 2007 में घघवा जगदीश के सामने तटबंध का करीब 50 मीटर हिस्सा नदी के दबाव में टूट गया था। साल 2023 में किमी 0.200 के पास तटबंध में टूटने की घटना सामने आई थी और अब जवहीं दयाल के ततवा टोली के सामने सीपेज के बाद तटबंध टूट गया। तीनों घटनाओं के बीच वर्षों का अंतर जरूर रहा, लेकिन हर बार बढ़ता जलस्तर और नदी का दबाव तटबंध के लिए बड़ी चुनौती बन गया है。 यह भी पढ़ें- कुशीनगर में नारायणी नदी का कहर, बांध टूटने से बाढ़ की चपेट में आए कई गांव, CM ने खुद लिया जायजातटबंध के इतिहास में गंभीर घटनाएं एपी तटबंध के इतिहास में वर्ष 2007 की बाढ़ सबसे गंभीर घटनाओं में गिनी जाती है। 31 जुलाई 2007 को घघवा जगदीश के सामने तटबंध का करीब 50 मीटर हिस्सा टूट गय...